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22 लाख वापस नहीं देने पर रेडीमेड कारोबारी ने फांसी लगाई, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस और रिश्तेदारों ने अपमानित किया


अपने परिचितों को 22लाख का कर्जा देने वाले एक रेडीमेड कपड़ा कारोबारी ने घर में ही फांसी लगा कर जान दी है। कारोबारी ने जिन लोगों को कर्ज दिया था वे उनके रुपये नहीं लौटा रहे थे।उलटापुलिस में ही उनकी झूठी शिकायतें कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे। मंगलवार को जब वे कर्जा लेने पलासिया इलाके में पहुंचे तो उनके रिश्तेदारों ने कर्जलौटाने से इंकार कर दिया और व्यापारी की झूठी शिकायत कर उन्हें थाने में बैठा दिया। यहां पुलिस ने भी उन्हें अपमानित किया, इसी से वे टूट गए और कर्जदार औरपुलिस के अपमान की बात का जिक्र कर एक सुसाइड नोट भी छोड़ गए। बेटे औरपरिवार का आरोप है कि थाने में अपमानित होने के बाद ही उन्होंने आत्महत्या की है। विजय नगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।

विजय नगर टीआई तहजीब काजी ने बताया व्यापारी हरिश (57) पाहवा निवासी चंद्र नगर के रहने वाले थे। इनके बेटे वंश (29) ने बताया कि पिता ने अपने ममेरे भाई प्रमोद सेठी, उनके बेटे रोहन और राघव सेठी को कुछ समय पहले 22 से 23 लाख रुपये उधार दिए थे। वे अपने ही पैसे मांग रहे थे,लेकिन ये तीनों उन्हें ही प्रताड़ित करते थे। मंगलवार को वह अपने रुपएलेने इनके पलासिया स्थित ऑफिस पहुंचे तो तीनों ने उनसे बदसलूकी की। पहले तो पिता को कई दिन से टाल रहे थे।

पिता ने कभी थाने की सीढ़ी नहीं चढ़ी थी

पिता ने मेरी शादी और दूसरों का कर्जा उतारने के लिए उनसे दिए रुपएलौटाने को कहा तो उनके फोन उठाने बंद कर दिए, मैसेज के जवाब नहीं दिए। परेशान होकर पिता ऑफिस पहुंचे तो उन्हें वहां धमकाया और रुपएन लौटाने का बोलकर पलासिया थाने से पुलिस बुलवा ली। उन्हें थाने मैं बैटा दिया। पुलिस ने भी थाने में पिता के साथ अभ्रदताकर उन्हें जलील किया। जब मुझे फोन किया तो मैं भी थाने पहुंचा। यहां एसआई नागर को पिता ने कई बार रिक्वेस्ट की, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सूनी। पिता आज तक थाने की सीढ़ीनहीं चढ़े थे, इससे वे खुद को अपमानित महसूस करने लगे। फिर पुलिस ने गाड़ी जब्त कर हमें छोड़ा तो पिता ने घर आकर फांसी लगा ली।

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व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिखा – जब भी घर पैसे मांगने जाता हूं तो मुझे अपमानित करता है।

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