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शरद पूर्णिमा पर संत सिंगाजी धाम में उमडा आस्था का सैलाब दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुचे

मनोज जैन बीड
शरद पूर्णिमा पर संत सिंगाजी धाम में उमडा आस्था का सैलाब दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुचे

समाधी के एक माह बाद संत सिंगाजी ने गुरु को पिलाया था दूध तब से चढने लगा धी

संत समाधी पर शाम पांच बजे चढा झाबुआ के महाराजा के परिवार का निशान मंहत रतन महाराज ने कि पूजा जयकारे से गूंजा मंदीर परिसर मैला ग्राउंड

पुलिस अधीक्षक जिला पंचायत सी ई ओ डिप्टी कलेक्टर एस ङी एम सहित प्रशासनिक अधिकारि रहे मोजूद

शामं की महाआरती पर दीप प्रज्वलित के साथ निकला शरद पूर्णिमा का चांद बिखरा अमृत

बीड- निमाड के निर्गुणी संत सिंगाजी महाराज की समाधी स्थल पर लगे दस दिवसीय मेले के मुख्य दिवस शरद पूर्णिमा पर डेढ़ लाख से ज्यादा सिंगाजी भक्त प्रदेश देश और अन्य जगह से यहा पहुचे ओर संत समाधी के दर्शन किया शरद पूर्णिमा की सुबह मंदीर पर दिन की शुरुआत पूजन के शुरुवात हुई ओर सुबह से लेकर रात तक यहा संत सिंगाजी धाम पर दर्शन करने वालो की भीड़ लगी रही मंदीर परिसर में दिन भर निशान चढाने का सिलसिला जारी रहा रात को निशान आते है दो दिन में अब सो से ज्यादा 800 से ज्यादा निशान चढाए गए झाबुआ के महाराजा के परिवार के यहा से जब मुख्य निशान मंदीर परिसर में पहुचे तो पूजा मंहत रतन महाराज के द्वारा ओर मंहत परिवार के सदस्यों के द्वारा भी कि गई ईस दौरान पूर्व विधायक ढाकुर राज नारायण सिंह उत्तम पाल सिंह पुरनी भी मोजूद रहे सुरक्षा के हिसाब से उस समय के लिए जब मुख्य निशान चढाया जा रहा है सभी निशानो को गेट पर रोक दिया गया मुख्य निशान के समय एस पी डा शिव दयाल सिह जिला पंचायत सी ई ओ ऱोशन सिह डिप्टी कलेक्टर हेमलता सोलकी एस ङी एम ममता खेडे सहित प्रशासनिक अधिकारि मोजूद रहे मुख्य निशान चढाने के बाद अन्य जगहो से आए निशान अंदर लिए गए शाम को दीप स्तंभ पर दीपो को प्रज्वलित कर महा आरती की गई जिसमे बडी संख्या में सिंगाजी भक्त मोजूद रहे

संत सिंगाजी महाराज के समाधी स्थल पर लगेे मेले में दो दिनो मे दो लांख 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुो ने यहा दूर दूर से आए सिंगाजी भव्तो के द्वारा अपने गुरु के चरणो में शीष नवाकर गुरु दीक्षिणा मे धी दिया जिसके कारण दो दिनो में 30 बैरल धी एक बैरल में 200 लीटर के लगभग आता है आया वही भवतो के द्वारा 20 ट्राली के लगभग नारियल प्रसादी चढाया गया वही घूनी माई नही होने से रैलिंग किनारे भव्तो ने नारियल फोड पूजन कर मा नर्मदा को अर्पित किया

संत सिंगाजी महाराज के धाम पर पिछले चार सो साल से ज्यादा समय से संत सिंगाजी धाम में झाबुआ के महाराजा के परिवार के यहा से तीन निशान निकलते है जो गुरु पूर्णिमा को चलकर तेरस को संत सिंगाजी गांव पहुचते है शनिवार को ईन निशानो को सिंगाजी गांव के हर धरो में लेकर जाया जाता है यहा पर ईनका पूजन आरती भजन के साथ दूध से अभिषेक हुआ जानकारी के अनुसार लाल बडा वाला निशान संत सिंगाजी का होता है पिला निशान दललु दास महाराज का होता है जो संत सिंगाजी के नाती है जिनके धागे बाधने से महरानी को पुत्र रत्न होता है तीसरा छोटा वाला लाल निशान केवट का है जिसकी नोका नर्मदा मे राज परिवार को लेकर डूब रही थी संत सिंगाजी को पुकारने पर संत वहा पहुचे ओर नाव को डूबने से बचाया उसी समय संत सिंगाजी के गुरु मनंरग स्वामी ने पूछा सिंगाजी तुम कहा हो तब संत सिंगाजी ने गुरु को बोला मे यही पर हू जिस पर गुरु मंनरग स्वामी नाराज हो गए संत सिंगाजी को बोले अब मुझे मरने तक अपना मह मत दिखाना जिसके बाद संत सिंगाजी ने 460 साल पहले जिवित समाधी ली थी जानकारी के मुताबिक उस समय संत सिंगाजी केवट ओर झाबुआ के महाराजा के परिवार की नर्मदा नदी में डूबने से बचा रहे थे तब से यह तीन निशान आते है पूरा सिगांजी गांव पूजन कर दीपावली मनाता है शरद पूर्णिमा पर सब मंदीर परिसर भजन कीर्तन करते हुए पहुचे शांम पांच बजे को चढाया जिसके बाद मंदीर परिसर से लेकर सिंगाजी धाम मैला संत सिंगाजी के जयकारे से उठा संत सिंगाजी समाधी पर शरद पूर्णिमा मे पांच सो से ज्यादा निशान चढाए गए


समाधी के एक महिने बाद गुरु को पिलाया ढाई साल की पढीया का दूध तब से चढने लगा धी

संत सिंगाजी महाराज की समाधी स्थल पर दस दिवसीय मेले मे प्रदेश सहित देश के अन्य कोने से सिगांजी भक्त यहा पहुचते है धी ओर नारियल चिंरोजी का प्रसाद गिनती नही ईतना चढाते है लेकिन यहा ईन पर एक भी चीटी नही लगती है जानकारी के अनुसार संत सिंगाजी के यहा पर 460 साल पहले समाधी लेने के बाद संत सिंगाजी के गुरु मनंरग स्वामी यहा सिगांजी गांव पहुचे जो ईंदीरा सागर डूब के पहले पिपलया के नाम से जाना जाता समाधी के बाद सिंगाजी के नाम से जाना जाने लगा उनहोने यहा पहुचकर बोले सिंगा कहा पर हो तब सिंगाजी समाधी से बाहर आएं गुरु को चरवाहा बनकर मिले तब गुरु मनंरग स्वामी बोले सिंगा दूध पीना हैं तब संत सिंगाजी ने ढाई साल की पढीया पर हाथ की थाप मारी ओर बालटी भर दूध निकालकर गुरु मंनरग स्वामी को पिलाया जिसके बाद गुरु गांव में गए ओर लोगो से पूछा सिंगाजी नही दिख रहे है तब लोगो ने बताया उनहोने तो एक महिने पहले ही समाधी ले ली है तब गुरु ने गांव वालों को बताया मे को तो अभी कुछ देर पहले दूध पिलाया था तब गुरु ने गावं वालो को बोला सिगाजी की समाधी पर ज्योत जलाई जाए ओर धी चढाया जाए तब से लेकर आज तक यहा धी चढाया जाता है


यह भी हुआ

मेला ग्राउंड मे दुकानो पर खरीदी के लिए लगी रही भीड़

पूर्व विधायक ठाकुर राज नारायण सिंह बाईक से तो विधायक नारायण पटेल नोका से पहुचे समाधी स्थल

मेले में मोबाइल चुराने वाले ओर जैबकतरे हुए सक्रिय मोबाइल चोरी ओर जैब कटी

खोया पाया विभाग ने बच्चो को परिवार से मिलाया

जनपथ के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री नही आए मांधाता विधायक नारायण पटेल की अध्यक्षता मे हुआ कार्यक्रम संपन्न हरसूद विधायक विजय शाह भी हरसूद जनपद के मुख्य कार्य कर्म में नही पहुचे जनपथ सी ई ओ सहित जनपथ सदस्य रहे मोजूद

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